Aeroplane ka Avishkar Kab Hua 2021

राइट ब्रदर्स का सोच कैसे चेंज हुआ ?

दोस्तों प्राचीन काल में जब मनुष्य पक्षियों को आकाश में उड़ता हुआ देखता था तो उसका मन भी करता था कि वह भी आकाश में इन पक्षियों की तरह ही उड़ सके पर लाख कोशिश करने के बाद भी वह ऐसा नहीं कर पाता था दोस्तों इंसानियत के इन सपने को साकार किया राइट ब्रदर्स ने तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे हवाई जहाज के अविष्कारक राइट ब्रदर्स की कहानी और Orville Wright  को राइट ब्रदर्स के नाम से जाना जाता है जो अमेरिका के रहने वाले थे इन्हें हवाई जहाज का आविष्कार कहा जाता है

भारत में हवाई यात्रा कब शुरू हुई
भारत में हवाई यात्रा कब शुरू हुई

Aeroplane का आविष्कार किसने किया?

इन्होंने 17 दिसंबर 1903 को संसार के सबसे पहले सफल मानवी उड़ान भरी जिसमें हवा से भारी निर्माण को नियंत्रित रूप से निर्धारित समय पर संचालित किया गया इसके बाद के 2 वर्षों में अनेक प्रयोगों के बाद इन्होंने विश्व के सर्वप्रथम प्रैक्टिकल फिक्स बेन्कयेर तैयार किया यह प्रायोगिक विमान बनाने और उड़ाने वाले के पहले अविष्कारक नहीं थे

 

लेकिन इन्होंने हवाई जहाज को नियंत्रित करने का विधि खोजें उसके बिना वायुयान संभव नहीं था आविष्कार के लिए आवश्यक यांत्रित कौशल इन्हें कई वर्षों तक प्रिंटिंग प्रेस बाइसिकल मोटर और अन्य कई मशीनों के साथ काम करते-करते मिला साइकिल  के साथ काम करते करते इन्हें विश्वास हो गया क्यों भाई जान जैसे असंतुलित वाहन को भी अभ्यास के साथ संतुलित और नियंत्रित किया जा सकता है साल 1900 से 1903 तक इन्होंने ग्लाइडरो  पर बहुत प्रयोग किया

 

जिससे इनका पायलट कौशल विकसित हुआ इनके बाइसिकल की दुकान के कर्मचारी चार्ली ट्रेलर ने भी इनके साथ बहुत काम किया और इनका पहला यान का इंजन बनाया जहां अन्य अविष्कार किस शक्ति बढ़ाने पर लगे थे वही राइट ब्रदर्स ने आराम से ही नियंत्रित का सूत्र खोजने पर अपना ध्यान लगाया इन्होंने वायु सुरंग में बहुत से प्रयोग किए और सावधानी से जानकारी हासिल की जिसका प्रयोग का इन्होंने पहले से ही अधिक प्रभावशाली पंख और प्रोपेलर खोजें इनके पेटेंट में दावा किया गया कि इन्होंने एयरोडायने ने नियंत्रित की नई प्रणाली विकसित की है

 

तो विमान के सताओ में परलाव करती हैं अनेक अन्य अविष्कार को ने हवाई जहाज के अविष्कार करने का दावा किया है लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है किस राइट ब्रदर्स के सबसे पहले उपलब्धि थी 3 एक्सेस कंट्रोलर का आविष्कार जिसके सहायता से पायलट विमान को संतुलित कर सकता है और दिशा परिवर्तित कर सकता है नियंत्रित का यह तरीका सभी विमानों को मानक बन गया और आज भी सभी तरह के प्रिडिकल वेंकट ड्राफ के लिए  यही तरीका उपयुक्त होता है 

 

 राइट ब्रदर्स का जन्म वह आयु के नगर Dayton मैं हुआ था वह हमेशा यंत्रों में रुचि लेते थे और साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते थे वर्ष 1896 में प्ले लेयर थीम की मृत्यु और किताबों में उड़ने के विषय में चल रहे प्रयोगों के बारे में पढ़कर उनमें इस बारे में रुचि जागृत हुई उन्होंने बिना किसी सोच-विचार के अपना वायुयान बनाने का निश्चय कर लिया था प्रयोगों में लगाने के लिए उनके पास धन नहीं था उन्हें इसके खतरों के बारे में भी नहीं ज्यादा पता था

 

उन्होंने तय किया कि वह पक्षियों के उड़ान का अध्ययन करेंगे और इसके साथ ही उन्होंने तब तक बन चुकी उड़ान मशीनों का अध्ययन कर लिया राइट बंधुओं ने हमेशा अपनी मशीन में स्वयं बनाई सबसे पहले उन्होंने एक ग्लाइडर बनाई जिसे वह पतंग की तरह उड़ाते थे इसे लेबरों की सहायता से जमीन पर लक्ष्यों से बांधकर यांत्रिक किया जाता था

Aeroplane ka Avishkar Kab Hua 2021
Aeroplane ka Avishkar Kab Hua 2021


वायुयान और उसे बनाने वाले की कहानी

इस प्रकार उन्होंने उड़ान के सिद्धांतों का अध्ययन कर लिया और यह भी सीख लिया कि हवा में मशीन को कैसे चलाएं वन रखा जाए इसके बाद उन्होंने मानव युक्त की ग्लाइडर बनाया इसे उन्होंने लिलियंथल के बहती पहाड़ी से कूदकर उड़ाया इस ग्लाइडर को हवा में तैर आना तो आसान था लेकिन अपनी मनमर्जी से उसे उड़ाना और उसका संतुलन बनाए रखना मुश्किल था

 

सुरक्षा की दृष्टि से प्रयोग जारी रखने के लिए वे 1900 में नॉर्थ कैरोलिना में एक एकांत स्थल में चली आई वहां ऊंची रे ताली पहाड़ियों थी इस प्रकार हुए कठोर पथरीली जमीन पर गिरने से बच सकते थे अगले 2 सालों में उन्होंने लगभग 2012 मैं अपने ग्लाइडर में उड़ान भरी जिनमें से सबसे लंबी उड़ान 600 फीट की दूरी तक गई इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण चरण था

 

ग्लाइडर को प्रोपिल करना साल 1903 में उन्होंने तरल ईंधन से चलने वाली एक मोटर बनाई और उसका परीक्षण करने के लिए फिर पुनः नोर्थ केन्रल लाइन उन्हें यकीन था के उनके मशीन काम करेगी लेकिन उन्होंने इसके कोई उपचार घोषणा नहीं की उनके

राइट ब्रदर्स का पहला उड़ान ?

पहले उड़ान केवल 12 सेकंड के लिए थे लेकिन मानव के इतिहास में यह पहली उड़ान थी जिसमें एक मशीन ने स्वयं गति करके हवा से भारी विमान को मानव सहित उड़ा लिया था कुछ समय हवा में नियंत्रित रहने के बाद उनका दिमाग बिना किसी नुकसान के नीचे उतर गया था उसी दिन उन्होंने दो और प्रयास किए जो और कुछ अधिक समय के थे

राइट बंधुओं ने साकार किया सपना

उनके चौथे उड़ान 59 सेकंड का था और उसके 12 मील के रफ्तार से चल रही हवा के दिशा में 835 फीट की दूरी तय की राइट ब्रदर्स नहीं यह सब अपने शौक के लिए शुरू किया था लेकिन इसमें सफलता मिलने पर इस कार्य के प्रति गंभीर हो गए 1905 तक वे अपने प्रयोगों में इतने पर अंकित हो चुके थे कि उन्होंने 35 मील प्रति घंटा की रफ्तार से 24 मेल की दूरी तय की अचरज की बात यह है कि इस समय तक उनके उपलब्धियों के बारे में किसी को भी पता नहीं चला और किसी भी समाचार पत्र या पत्रिका में इस बारे में कुछ नहीं छपा जब लोगों ने उनके 24 मेल के लंबे उड़ान के बारे में सुना तो बहुत कुछ लोगों ने इस बात पर

पहली ऐतिहासिक उड़ान

विश्वास किया साल 1908 में बेलबर राइट एक मशीन को फ्रांस ले गई एक फ्रांस समाचार में पत्र ने बेलबर राइट लंबी गर्दन वाले पंछी के रूप में चित्रित किया और उनकी भक्ति से देखने वाली मशीन का मजाक उड़ाया उसी दिन बेलबर राइट ने हवा में 91 मीटर उड़ कर 52 मील की दूरी तय की कुछ दिनों बाद उन्हें 200000 फ्रेच का पुरस्कार दिया गया इसके साथ ही फ्रांसिस सके सरकार ने उन्हें तेज इंजन बनाने का ऑर्डर भी दे दिया साल 1909 में  विमानन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उन्नति हुई बेलबर राइट  वर्जिनियां से नोरथ केरोलाइना तक अपनी विमान को उड़ा ले

aeroplane ka Avishkar Kab Hua 2021

 गई NC4 नामक नामक एक  विमान ने 1919 में  अटलांटिक सागर को पार किया दोस्तों आज तो पृथ्वी पर प प्रति दिन  हजारों विमान उड़ान भरते है एक मशीन में बैठकर उड़ना और उस से पृथ्वी को देखना सबके लिए रोमांचित कर देने वाला अनुभव होता है राइट बंधुओं ने अपने लगन और मेहनत के दम पर वह करतब दिखाया जिसके सपने मानो मानव  चित्र से देखते आ रहा है दुनिया वालों के नजरों से दूर बिना किसी या धन प्राप्ति के चाह के राइट ब्रदर्स ने अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करते रहे यह मानव के इतिहास में उनका नाम सदा के लिए स्वर्ण अक्षरों में में अंकित हो गया
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